बालक कैसे चिंतन करते हैं | How Do Children Think #ctet #ctetsuccess #eductet #cdp #pedagogy #uptet #supertet
बालक कैसे चिंतन करते हैं? How Do Children Think?
बालक में चिंतन की प्रक्रिया Process of Thinking in Children
बालकों में चिंतन योग्यता को कैसे बढ़ाया जाए ? How to Enhance Thinking Ability in Children
- रुचि के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
- उत्तरदायित्व की भावना को समझाना चाहिए।
- बालकों को प्रेरित किया जाए कि वह लक्ष्य को पा सकते हैं तथा समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
- बालकों में आत्म-विश्वास को बढ़ाना चाहिए तथा उनमें धनात्मक मनोवृत्ति का विकास करना चाहिए।
- समस्या का अभ्यास कराना चाहिए और इसे अभ्यास करते समय आयु का ध्यान रखा जाना चाहिए।
- तर्क, वाद-विवाद, संगोष्ठी, समूह परिचर्चा में उनकी भागीदारी करानी चाहिए।
बालक कैसे अधिगम करता है? How Do Children Learn?
बालक विद्यालयी उपलब्धि में क्यों और कैसे असफल होते हैं?
- अभ्यास में कमी: बालक यदि अर्जित ज्ञान का अभ्यास नहीं करेगा तो स्मृति से बहुत सारी बातें विलोपित होने लगती हैं वहीं अगर अभ्यास किया जाता रहा है, तो स्मृति में चिन्ह बने रहते हैं।
- उचित प्रेरणा व मार्गदर्शन का अभावः बालक यदि लक्ष्य के प्रति प्रेरित नहीं होते हैं तो निश्चित ही फिर लक्ष्य प्राप्ति में कठिनाई होती है। इतना ही नहीं उचित प्रेरणा के साथ सही मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाना चाहिए जिस पर चलकर लक्ष्य तक पहुँचा जा सके।
- बौद्धिक क्षमता बालक में यदि बौद्धिक क्षमता की कमी हो तो वो सीधे सरल प्रश्नों के जवाब तो आसानी से रटकर दे पाता है, लेकिन तार्किक प्रश्न या थोड़े घुमावदार प्रश्न, जिसे कठिन प्रश्न भी कहते हैं, का जवाब देना उसके लिए कठिन हो जाता है।
- मनोवृत्ति व आत्मविश्वास किसी भी लक्ष्य को पाने या सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास तथा सकारात्मक मनोवृत्ति का होना जरूरी है। इसकी कमी से सफलता का प्रतिशत बढ़ जाता है।
- निष्पादनः बालक कितना सीखता है इससे ज्यादा महत्त्वपूर्ण है कि वह सीखे गए ज्ञान का सही इस्तेमाल व प्रदर्शन उचित अवसर पर कर पाता है कि नहीं।
- बालक का स्वास्थ्यः बालक शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होगा तभी सफलता की दर अधिक होगी अन्यथा वह अपनी पूरी योग्यता स्मृति का सही इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

