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Units & Measurements (Part 1) || Class 11 || Chapter-2 || Physics || Handwritten Notes

  Class -11 Subject – Physics Chapter – 02   UNITS & MEASUREMENTS📐 PART 1 📚Visit our Youtube channel for more notes👉CLICK HERE   Contents:- 📌Physical Quantities 📌Units of Measurements 📌Measurement of Length 📌Measurement of Mass 📌Measurement of Time 📌Accuracy,Precision & Error in Measurements VISIT OUR TELEGRAM CHANNEL FOR COMPLETE PDF NOTES👉  TELEGRAM CHANNEL NOTES OF THE VIDEO 📚Visit our Youtube channel for more notes👉CLICK HERE 📧DM us on 👉INSTAGRAM  which chapter notes to upload next 📱Follow us on 👉Facebook  and contact us on Social media… 📌VISIT OUR TELEGRAM CHANNEL FOR COMPLETE PDF NOTES👉  TELEGRAM CHANNEL

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Some Basic concepts of chemistry (Part-4) || Class-11 || Chemistry Handwritten Notes

   Class -11 Subject – Chemistry Chapter – 01 Some Basic Concepts of Chemistry💊                                                                                    PART-4   📚Visit our Youtube channel for more notes👉CLICK HERE This part is last part of this chapter blog Contents:- 📌Mass Percent 📌Mole Fraction 📌Molarity 📌Molality VISIT OUR TELEGRAM CHANNEL FOR COMPLETE PDF NOTES👉  TELEGRAM CHANNEL   NOTES OF THE VIDEO 📚Visit our Youtube channel for more notes👉CLICK HERE 📧DM us on 👉INSTAGRAM  which chapter notes to upload next 📱Follow us on 👉Facebook  and contact us on Social media… 📌VISIT OUR TELEGRAM CHANNEL FOR COMPLETE PDF NOTES👉  TELEGRAM CHANNEL

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Some Basic concepts of chemistry (Part-3) || Class-11 || Chemistry Handwritten Notes

  Class -11 Subject – Chemistry   Chapter – 01 Some Basic Concepts of Chemistry💊                                                                PART-3   📚Visit our Youtube channel for more notes👉CLICK HERE This chapter has 4 parts of blog do not forget visit next blog after completion of this blog Contents:- 📌Empirical Formula for Molecular Formula 📌Stochiometry & Stochiometric Calculations 📌 Limiting Reagent VISIT OUR TELEGRAM CHANNEL FOR COMPLETE PDF NOTES👉  TELEGRAM CHANNEL NOTES OF THE VIDEO 📚Visit our Youtube channel for more notes👉CLICK HERE 📧DM us on 👉INSTAGRAM  which chapter notes to upload next 📱Follow us on 👉Facebook  and contact us on Social media… 📌VISIT OUR TELEGRAM CHANNEL FOR COMPLETE PDF NOTES👉  TELEGRAM CHANNEL

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Some Basic concepts of chemistry (Part-2) || Class-11 || Chemistry Handwritten Notes

  Class -11 Subject – Chemistry Chapter – 01 Some Basic Concepts of Chemistry💊                                                               PART-2   📚Visit our Youtube channel for more notes👉CLICK HERE This chapter has 4 parts of blog do not forget visit next blog after completion of this blog Contents:- 📌Laws of Chemical Combination             📍Laws of Conservation of Mass             📍Laws of Definite Proportion             📍Laws of Multiple Proportion             📍Gay Lussac’s Laws of Gaseous Volumes             📍Avogadro’s Law 📌Dalton’s Atomic Theory 📌Atomic Mass & Molecular Mass 📌Mole Concept & Molar Masses 📌Standard Molar Volume 📌Percentage Composition VISIT OUR TELEGRAM CHANNEL FOR COMPLETE PDF NOTES👉  TELEGRAM CHANNEL NOTES OF THE VIDEO 📚Visit our Youtube channel for more notes👉CLICK HERE 📧DM us on 👉INSTAGRAM  which chapter notes to upload next 📱Follow us on 👉Facebook  and contact us on Social media… 📌VISIT OUR TELEGRAM CHANNEL FOR COMPLETE PDF NOTES👉  TELEGRAM CHANNEL

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The Physical World Notes || Class 11 || Chapter-1 || The Book and Notes

 Class -11 Subject – Physics Chapter – 01   THE PHYSICAL WORLD 🌎 📚Visit our Youtube channel for more notes👉CLICK HERE   Contents:- 📌What is Physics? 📌What is the relation between Physics with Mathematics? 📌Fundamental Principles in Physics 📌Scope of Physics 📌Excitement of Physics 📌Physics & Technology 📌Fundamental Forces in Nature VISIT OUR TELEGRAM CHANNEL FOR COMPLETE PDF NOTES👉  TELEGRAM CHANNEL NOTES OF THE VIDEO 📚Visit our Youtube channel for more notes👉CLICK HERE 📧DM us on 👉INSTAGRAM  which chapter notes to upload next  📱Follow us on 👉Facebook  and contact us on Social media… 📌VISIT OUR TELEGRAM CHANNEL FOR COMPLETE PDF NOTES👉  TELEGRAM CHANNEL

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Some Basic concepts of chemistry (Part-1) || Class-11 || Chemistry Handwritten Notes

 Class -11 Subject – Chemistry Chapter- 01 Some Basic Concepts of Chemistry💊                                                                      PART-1   📚Visit our Youtube channel for more notes👉CLICK HERE   This chapter has 4 parts of blog do not forget visit next blog after completion of this blog Contents:- 📌Chemistry & its importance 📌States of Matter             📍Solids             📍Liquids             📍Gases 📌Classification of Matter             📍Pure Substance             📍Mixture 📌Properties of Matter              📍Physical Properties             📍Chemical Properties 📌Measurements             📍Mass & Weights             📍Volume             📍Density             📍Temperature (Celcius,Fahrenheit,Kelvin) 📌Uncertainity in Measurements 📌Significant Figures VISIT OUR TELEGREAM CHANNEL FOR COMPLETE PDF NOTES👉  TELEGRAM CHANNEL NOTES OF THE VIDEO 📚Visit our Youtube channel for more notes👉CLICK HERE 📧DM us on 👉INSTAGRAM  which chapter notes to upload next 📱Follow us on 👉Facebook  and contact us on Social media… 📌VISIT OUR TELEGREAM CHANNEL FOR COMPLETE PDF NOTES👉  TELEGRAM CHANNEL    

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बिहार के सवा लाख शिक्षकों को 15 अगस्त तक मिल सकता है नियुक्ति पत्र, तीन दिनों में दिव्यांगों के लिए आएगा आवेदन का विज्ञापन

  बिहार के सवा लाख शिक्षकों को 15 अगस्त तक मिल सकता है उच्च न्यायालय के फैसले का शिक्षा मंत्री ने स्वागत किया। सरकार ने पिछले बजट सत्र में घोषणा की थी कि शिक्षक नियुक्ति मामले में सरकार विशेष प्रयास कर न्यायालय से नियुक्ति की इजाजत मांगेगी। कोरोनाकाल और कोर्टबंदी में भी वर्चुअल माध्यम से महाधिवक्ता द्वारा लगातार मुख्य न्यायाधीश को कोर्ट में विशेष उल्लेख किया जाता रहा और आज इस मामले में हमें राहत मिली। राज्य में शिक्षक के लाखों पद रिक्त थे। शिक्षक योग्यता परीक्षा पास अभ्यर्थी सड़क पर घूम रहे थे। सरकार इसे बहुत ही कष्टदायक स्थिति मानती है। इसलिए हम न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हैं।  बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, ‘वैसे तो सरकार एक सप्ताह में नियुक्ति पूरी कर लेने की तैयारी में थी, लेकिन कोर्ट के आदेश से अब हम जल्द दिव्यांगों को अवसर देने के लिए विज्ञापन निकालेंगे। दिव्यांगों को आवेदन के लिए 15 दिन का समय देना है। आवेदन के बाद नया मेरिट लिस्ट बनेगा। नियोजन की पूरी कार्रवाई पूरी होने में दो से तीन महीने लग जायेंगे।’  बदल जाएगी कई बार के प्रयास से तैयार मेधा सूची   छठे चरण के तहत राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में करीब 94 हजार और माध्यमिक-उच्च माध्यमिक स्कूलों में 30020 पदों पर बहाली की प्रक्रिया लम्बे समय से चल रही है। दोनों नियुक्तियों की अधिसूचनाएं 1 व 5 जुलाई 2019 को जारी हुई है। इस दौरान आधा दर्जन बार नियुक्ति के शिड्यूल जारी हुए, लेकिन विभिन्न कारणों से इसे अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सका। दिव्यांगों की अपील पर हाईकोर्ट के आदेश पर अगस्त 2020 में नियोजन प्रक्रिया स्थगित की गई। इससे पूर्व बहाली के लिए सभी नियोजन इकाइयों द्वारा मेधा सूची बनायी जा चुकी थी। अब दिव्यांगों के नए आवेदन आने के बाद मेधा सूची पूरी तरह बदलनी पड़ेगी। शिक्षा विभाग प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर पर सभी जिलों में दिव्यांगों के लिए आवंटित पद, उनके विरुद्ध कार्यरत दिव्यांग और उनके हिस्से के रिक्त पदों का ब्योरा जुटा चुका है।  यह बिहार के दिव्यांगों की जीत : संघ नेशनल ब्लांइड एसोसिएशन ने पटना उच्च न्यायालय के फैसले को बिहार के दिव्यांगों और खासतौर से नेत्रहीनों की जीत बताया है। राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ की बिहार शाखा के महासचिव डॉ. विनय कुमार ने हाईकोर्ट व राज्य सरकार का आभार जताया है। कहा कि संघ द्वारा दायर दो याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश ने ऐतिहासिक फैसला दिया। एक याचिका शिक्षक नियोजन से संबंधित थी। जिस पर कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि दिव्यांगों का फॉर्म फिर से भरवाया जाए। आरक्षण का पालन सही तरीके से करते हुए सामान्य अभ्यर्थियों के साथ उनकी नियुक्ति की जाए। दूसरी याचिका बैकलॉग से संबंधित थी जिसमें कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि 1995 से 2017 तक जितनी नियुक्तियां हुईं उनकी गणना कर दिव्यांगों के लिए कितनी सीट बनती है, इसकी सूची राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ को 4 माह में उपलब्ध करायी जाय। नियुक्ति प्रक्रिया में कितना समय लग सकता है  पटना उच्च न्यायालय द्वारा गुरुवार को राज्य के प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक तक के विद्यालयों में छठे चरण के नियोजन में आवेदन नहीं करने वाले दिव्यांगों को मौका देने के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने तत्काल आगे की तैयारी आरंभ कर दी है। नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने में दो से तीन महीने लगेंगे। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने तीन दिनों के भीतर आवेदन के लिए विज्ञापन जारी करने के संकेत दिये। आवेदन जमा करने के लिए दिव्यांगों को 15 दिन का समय दिया जाएगा। आवेदन से लेकर नियुक्ति पत्र बांटे जाने तक में कुल 60 से 70 दिन लगेंगे। नये आवेदनों के शामिल होने से मेधा सूची भी नए सिरे से बनेगी। फिर उसपर आपत्तियां ली जाएंगी। इसके बाद अंतिम मेधा सूची बनेगी। उसके बाद काउंसिलिंग, फिर नियुक्ति पत्र बंटेगा। उम्मीद है, 15 अगस्त से पहले सवा लाख शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बंट जाए। 

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Government ( सरकार ) | केंद्र सरकार और राज्य सरकार |

  सरकार का अर्थ :-  सरकार राज्य का एक महत्वपूर्ण अंग होता है। भारत मे संघीय सरकार है । यहां दो स्तरों पर सरकार का गठन किया गया है – केंद्र और राज्य । सरकार राज्य का एक महत्वपूर्ण अंग होता है। प्रत्येक सरकार के तीन अंग होते हैं – व्यवस्थापिका (विधायिका), कार्यपालिका व न्यायपालिका। कार्यपालिका का काम संविधान और कानून के अनुसार देश का शासन चलाना है । व्यवस्थापिका देश के लिए कानून बनाती है। न्यायपालिका कानून के खिलाफ काम करने पर सजा देती है।  सरकार के विभिन्न स्तर :-  भारत मे सरकार के तीन स्तर है – केंद्रीय स्तर, राज्य स्तर और स्थानीय स्तर।   1. केंद्रीय ( राष्ट्रीय ) स्तर केन्द्रीय स्तर का सम्बन्ध पूरे देश से होता है। सम्पूर्ण देश का संचालन केन्द्र सरकार के द्वारा होता है।  2. राज्य स्तर  राज्य स्तर का सम्बन्ध देश के या संघ के विभिन्न इकाइयों से हैं, जैसे-उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब इत्यादि।  3. स्थानीय स्तर स्थानीय स्तर का सम्बन्ध देश के सबसे निचले स्तर से अर्थात् पंचायत व नगर पालिका से है। पंचायत ग्रामीण स्तर के लिए व नगर पालिका शहरी क्षेत्र के लिए है। सरकार के कार्य :-  भारत के सन्दर्भ में सरकार के सभी स्तरों पर विभिन्न कार्य एवं शक्तियाँ हैं।  केन्द्रीय स्तर की सरकार के कार्य-संविधान के द्वारा संघ सूची में उल्लेखित हैं – सम्पूर्ण देश के लिए कानून का निर्माण करना, इसका परिचालन, सम्पूर्ण देश के नागरिकों के लोक कल्याण को बढ़ावा देना, राष्ट्र की सुरक्षा व रक्षा करना व दूसरे देश के साथ सम्बन्धों को विकसित करना।  राज्य स्तर की सरकार के कार्य संविधान के तहत राज्य सूची में उल्लेखित हैं-राज्य, क्षेत्र विशेष के लिए अर्थात् अपने राज्य के लिए कानून बनाना व उनका परिचालन कराना, राज्य के नागरिकों के लोक कल्याण को बढ़ावा देना, राज्य के विकास कार्य को करना, कृषि, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराना। स्थानीय स्तर की सरकार के कार्य व शक्तियों का प्रावधान संविधान के तहत भाग-9 व 9(क) तथा अनुसूची 11वीं व 12वीं में किया गया है। इसका स्थानीय स्तर पर नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना है। जैसे-शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य इत्यादि। Project-method-of-teaching   सरकार के विभिन्न प्रकार व रूप . सरकार के अनेक प्रकार व रूप होते हैं-राजतंत्र, निरंकुशतंत्र, कुलीनतंत्र, लोकतंत्र, इत्यादि। लोकतंत्र लोकतंत्र वर्तमान में सर्वश्रेष्ठ शासन व्यवस्था है। लोकतंत्र लोगों या जनता का शासन होता है।लोकतंत्र में लोगों के द्वारा ही सरकार को निर्णय लेने, कानून का पालन करवाने की बाह्य शक्ति प्रदान की जाती है। लोकतंत्र में सरकार को यह शक्ति जनता चुनाव या निर्वाचन के माध्यम से देती है। लोकतंत्र में सरकार किसी भी प्रकार के निर्णय व कार्यों के लिए जनता के प्रति ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी होती हैं।  राजतंत्र राजतंत्र में राजा या रानी के पास किसी भी प्रकार के निर्णय लेने व सरकार चलाने की शक्ति होती है। राजतंत्र के तहत राजा के पास सलाहकारों का एक छोटा-सा समूह होता है जिससे वह विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर सकता है परन्तु निर्णय लेने की अंतिम शक्ति राजा के पास ही होती है। राजतंत्र के विपरीत एक निरंकुश सरकार या निरंकुश राजतंत्र सरकार भी होती है जिसमें राजा या रानी की इच्छा ही कानून होता है। इसमें जनता पर निरंकुश तरीके से शासन किया जाता है।  कुलीन तन्त्र कुलीनतंत्र सरकार एक ऐसी सरकार होती है जिसमें कुछ व्यक्ति मिलकर शासन करते है। सम्पूर्ण सत्ता या शासन का अधिकार कुछ व्यक्तियों के हाथ में रहता है। आधिनायकव अधिनायकत्व सरकार ऐसी सरकार होती है जो प्रजा के ऊपर निरंकुशता पूर्वक शासन करती है। इस प्रकार की शासन प्रणाली में लोगों को किसी प्रकार की स्वतंत्रता व अधिकार प्राप्त नहीं होते हैं, जैसे-फासीवादी व नाजीवादी सरकार। भारत एक लोकतांत्रिक देश है। लोकतंत्र सरकार को प्रतिनिधि लोकतंत्र कहते हैं। प्रतिनिधि लोकतंत्र में जनता प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लेती है। वे अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन करती हैं। स्थानीय सरकार व प्रशासन स्थानीय सरकार का अर्थ भारत में स्थानीय सरकार का जनक भारत के वायसराय लार्ड रिपन (1880-1884) को माना जाता है। भारत में पंचायती राज का जनक बलवन्त राय मेहता को माना जाता है। स्थानीय सरकार किसी भी देश में लोकतंत्र की प्रारम्भिक सीढ़ी होती है अत: लोकतंत्र का प्रथम स्तर है। स्थानीय सरकार का तात्पर्य है कि ऐसी सरकार जिसमें स्थानीय स्तर पर जनता द्वारा शासन प्रक्रिया में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भागीदारी होती है। स्थानीय सरकार का विकास  प्राचीन .काल में भारत में सरकार का  स्वरुप स्थानीय स्तर पर ही निर्धारित होता था। भारत में दक्षिण भारत में चोल साम्राज्य की स्थानीय प्रशासन सबसे आदर्श व्यवस्था समझी गई है।चोल साम्राज्य के तहत स्थानीय सरकार को केन्द्रीय साम्राज्य से पूर्ण स्वायत्तता प्राप्त की। स्थानीय सरकार के प्रतिनिधियों के लिए एक स्पष्ट संहिता बनाई गई थी जिसमें उनकी योग्यता, कार्य प्रणाली व स्वरूप का एक आदर्श रूप में प्रस्तुत किया गया था। भारत में मध्यकाल में स्थानीय सरकार के विकास में रूकावट आई। स्थानीय प्रशासन पर धर्म व उसकी कार्यप्रणाली का प्रभाव पड़ा। आधुनिक युग में ब्रिटिश साम्राज्य के तहत स्थानीय सरकार में विकास प्रक्रिया की शुरूआत हुई थी। विशेषकर लार्ड रिपन के काल में। लार्ड रिपन ने स्थानीय सरकार की स्वायत्तता व उसके कार्य क्षेत्र के विस्तार को समर्थन दिया इसलिए लार्ड रिपन को स्थानीय सरकार का जनक माना जाता है। ग्राम सभा एवं ग्राम पंचायत  ग्राम सभा एक पंचायत के क्षेत्र में रहने वाले सभी वयस्कों की सभा होती है। कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 18 वर्ष या उससे ज्यादा हो, जिसे वोट देने का अधिकार प्राप्त हो और जिसका नाम गाँव के मतदाता सूची में उल्लेखित है ऐसे ग्राम समूह को ही ग्राम सभा कहा जाता है। एक गाँव की एक ग्राम सभा हो सकती है और एक गाँव की दो ग्राम सभा भी हो सकती हैं। एक या एक से अधिक गाँव को मिलाकर एक ग्राम सभा भी हो सकती है।  एक ग्राम पंचायत कई वार्डों (छोटे क्षेत्रों) में बंटी हुई होती है। प्रत्येक वार्ड अपना एक प्रतिनिधि चुनता है, जो वार्ड पंच के नाम से जाना जाता है। ग्राम पंचायत का एक सचिव होता है जो ग्राम सभा का भी सचिव होता है। यह सरकारी कर्मचारी होता है। सचिव का काम

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विविधतता | Diversity | ctet ctet2022 ctet success CDP pedagogy

  विविधता का सामान्य अर्थ :- विविधता का सामान्य अर्थ है कि भौगोलिक रूप से, सांस्कृतिक रूप से, भाषा व वेशभूषा, धर्म इत्यादि के आधार पर विभिन्न स्वरूप में एक समाज व एक देश विशेष पर रहना। साम्प्रदायिकता का सामान्य अर्थ :-  साम्प्रदायिकता का अर्थ है कि जब किसी समाज में विभिन्न वर्गों व सम्प्रदाय विशेष के बीच किसी विशेष समस्या व घटनाओं के परिणाम स्वरूप आपसी द्वेष या भेदभाव के विरोध में होने वाली सामाजिक घटना। सामान्यतः साम्प्रदायिकता को नकारात्मक रूप में ही समझा जाता है।    * पूर्वाग्रह का सामान्य अर्थ है :- पूर्वाग्रह का सामान्य अर्थ है जब हम किसी समाज का, धर्म व कार्य के बारे में पहले से ही कोई राय या अवधारणा बना लेते हैं और इस अवधारणा को मस्तिष्क में बिठा लेते हैं तो वह पूर्वाग्रह का रूप धारण कर लेता है। रूढ़िवादिता का सामान्य अर्थ :- रूढ़िवादिता का सामान्य अर्थ है कि जो व्यक्ति समाज के किसी वर्ग या परिघटना के प्रति सभी लोग एक ही छाँव में बाँध देते हैं या उनके बारे में एक धारणा पक्की या स्थायी बना लेते हैं तो उसे रूढ़िबद्ध धारणा कहते हैं। असमानता का सामान्य अर्थ :-  असमानता का सामान्य अर्थ है किसी समाज व देश विदेश में व्यक्ति द्वारा सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक व सांस्कृतिक स्तर पर किया जाने वाला विषमता युक्त व्यवहार। अस्पृश्यता या छुआछूत :- अस्पृश्यता का मतलब है समाज में जाति या वर्ग व धर्म के आधार पर किया जाने वाला भेद-भाव पूर्ण व्यवहार। भारत में विविधता के विभिन्न पहलू :- भारत में सामाजिक, सांस्कृतिक राजनीतिक व आर्थिक स्तर पर ‘विविधता में एकता का स्वरूप है                    जो इस प्रकार है :-    भाषा :- भाषा ही संस्कृति को विविधता प्रदान करती है। प्रारम्भ से ही भारत में अनेक भाषाएँ बोली जाती रही है। भाषा के विकास ने ही विभिन्न धर्मग्रन्थों, महाकाव्य, नाटक तथा साहित्य की रचनाओं में योगदान दिया। ‘महाभारत’ और ‘रामायण’ जैसे महाकाव्यों का निर्माण भाषा के विकास के साथ ही हुआ, विभिन्न क्षेत्रों के निवासियों की अलग-अलग ম के कारण साहित्य भाषाएँ विकसित हुईं। इन भाषाओं का जो विकास हुआ, उसने भी भारतीय राष्ट्रीय जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विभिन्न साहित्यिक रचनाओं ने भी भारत की एकता’ का ही पाठ पढ़ाया।               भारत के संविधान में 8वीं अनुसूची में प्रारम्भ में केवल 14 भाषाओं का प्रावधान था परन्तु वर्तमान में 22 भाषाएँ उल्लेखित हैं। भारत में कुछ भाषाएँ हैं जिन्हें शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त है-संस्कृत, तेलगू, तमिल, कन्नड़ व मलयालम ।    कला व नृत्य :- भारत विभिन्न कला व नृत्य शैली की विविधता वाला देश है। भारत के प्रत्येक भौगोलिक भाग व राज्य समाज व वर्ग की राष्ट्रीय कला व नृत्य के साथ-साथ लोक-कलाएँ व नृत्य प्रचलित है।  भारत में कुछ नृत्य ऐसे हैं जिन्हें शास्त्रीय नृत्य का दर्जा दिया गया है। जैसे: कथक, भरतनाट्यम. कुचिपुड़ी, कथकली, मणिपुरी और ओडिसी।                                                                                                                                                                          क्षेत्र  :- भारत में न केवल धर्म और भाषा की विविधता है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों के लोग भी यहाँ निवास कर रहे हैं। भारत में राष्ट्रीयता की भावना भी विद्यमान है एक क्षेत्र के लोग दूसरे क्षेत्र के लोगों से अपने को भिन्न मानते हैं। उन्हें अपने क्षेत्र और प्रान्त के लिए अत्यधिक स्नेह है परन्तु, यह भावना प्रबल है कि विभिन्न क्षेत्रों में रहते हुए भी हम भारत के नागरिक हैं। भारत का विकास ही सभी क्षेत्र के लोगों का मूल उद्देश्य है।                                      विविधता में एकता :- स्पष्ट है कि भारत विविधताओं का देश है। साथ ही ‘विविधता में एकता’ भारत राष्ट्र की अपनी विशेषता है। हम धर्मनिरपेक्ष राज्य के नागरिक है भारत में विविधता शुरु से है पर, हम लोग 5 मिलजुलकर रहते आए हैं। हिन्दू और मुसलमान मुगल-शासकों के समय में भी साथ-साथ रहते थे। पर्व-त्यौहार के अवसर पर भी वे साथ रहे हैं होली, दीपावली, और दशहरा आदि पर्यो में मुसलमान भी साथ देते हैं। ईद के मौके पर हिन्दू भी मुसलमान साथियों को मुबारकबाद देते है। सिखों के गुरुद्वारे में हिन्दू भी जाते हैं और हिन्दू मन्दिरों में सिख भी पूजा करने जाते हैं अलग-अलग होते हुए भी हम न भारतवासी एक है।  जवाहर लाल नेहरू ने ही अपनी किताब ‘भारत एक खोज’ में ‘अनेकता में एकता’ का विचार दिया था। रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ भी भारतीय एकता की एक अभिव्यक्ति है। विश्व/संसार में आठ मुख्य धर्म है-ईसाई, स्कूल, यहूदी, हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख व पारसी आदि। भारत में इन सभी आठ धर्मों के अनुयायी है, जिसमें छः अल्पसंख्यक धर्म हैं-इस्लाम, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई वो पारसी। भारत में 1600 से ज्यादा भाषाएँ व बोलियाँ बोली जाती है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर 18911956 को भारत के संविधान का जनक व दलितों के सबसे बड़े नेता के रूप में जाना जाता है। उनका जन्म ‘महार जाति’ में हुआ था। 1947 के बाद देश की आजादी के उपरान्त संविधान में भारतीय नागरिकों को 7 मौलिक अधिकार प्रदान किए गए परन्तु वर्तमान में 6 मौलिक अधिकार प्राप्त हैं-समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, शिक्षा एवं संस्कृति का अधिकार व संवैधानिक उपचारों का अधिकार।       भारत में विविधता व एकता के समक्ष अनेक चुनौतियां व समस्याएँ :- 1. जातिवाद 2. क्षेत्रियातावाद 3. भाषावाद 4. साम्प्रदायिकता 5. नक्सलवाद/आतंकवाद 6. क्षेत्रीय असमानता 7. भ्रष्टाचार 8. भाई-भतीजावाद 9. अशिक्षा/निरक्षरता 10. गरीबी 11. बेरोजगारी

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नई शिक्षा नीति को मंजूरी | HRD अब शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा |NEP 2020

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि 34 साल बाद भारत की नई शिक्षा नीति आई है। स्कूल-कॉलेज की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं।  कैबिनट ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में नई शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दे दी है। जिससे स्कूल और उच्च शिक्षा स्तरों पर बड़े पैमाने पर सुधार हुए है। यह 21वी सदी की पहली शिक्षा नीति है जो शिक्षा की 34 वर्ष पुरानी राष्ट्रीय नीति (NPE, 1986) की जगह लेती है।  स्कूल और कॉलेज दोनों की शिक्षा को 21वी सदी के जरूरतों के अनुकूल और समग्र , लचीला, बहु-विषयक बना कर एक जीवंत ज्ञान और वैश्विक ज्ञान महाशक्ति में बदलना है। इसका उद्देश्य है प्रत्येक छात्र की अद्वितीय क्षमताओं को सामने लाना है।  NEP 2020, के तहत लगभग 2 कड़ोड स्कूली बच्चो को वापस मुख्य धारा में लाया जाएगा। NCP 2020 सभी स्तरों पर स्कूल सार्वभौमिक पहुँच को सुनिश्चित करता है।  सरकार ने बताया कि मौजूदा शिक्षा नीति के तहत फिजिक्स ऑनर्स के साथ केमिस्ट्री, मैथ्स लिया जा सकता है। इसके साथ फैशन डिजाइनिंग नहीं ली जा सकती थी। लेकिन नई नीति में मेजर और माइनर की व्यवस्था होगी। जो मेजर प्रोग्राम हैं उसके अलावा माइनर प्रोग्राम भी लिए जा सकते हैं। इसके दो फायदे होंगे।   HRD मंत्रालय अब शिक्षा मंत्रालय हो जाएगा   मानव संसाधन मंत्रालय को फिर से शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा। पहले इस मंत्रालय का नाम शिक्षा मंत्रालय ही था। साल 1985 में इसे बदलकर मानव संसाधन मंत्रालय नाम दिया गया था।  स्कूली शिक्षा में 10+2 प्रारूप अब खत्म  नई शिक्षा नीति के तहत स्कूली शिक्षा में 10+2 फॉर्मेट को खत्म कर दिया गया है। इसे 10+2 से 5+3+3+4 फॉर्मेट में ढाला गया है। इसका मतलब है कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा 1 और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे। फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से 5 की तैयारी के चरण में विभाजित किया जाएगा। इसके बाद में तीन साल मध्य चरण (कक्षा 6 से 8) और माध्यमिक अवस्था के चार वर्ष (कक्षा 9 से 12) होंगे।

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